लखनऊ: राजधानी के अलीगंज इलाके में तीन मंजिला इमारत में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। हादसे में 15 लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। आग की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री अपना अलीगढ़ दौरा बीच में छोड़कर सीधे लखनऊ पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए मामले की गहन जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि इस दर्दनाक हादसे की तह तक जाया जाएगा और लापरवाही या नियमों के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव (गृह) को मौके पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
दोपहर में लगी आग, शाम तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
यह हादसा अलीगंज थाना क्षेत्र के उषा मेहता मार्ग स्थित तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में हुआ। दोपहर करीब तीन बजे आग लगने के बाद देखते ही देखते पूरा भवन धुएं और लपटों से घिर गया। आग बुझाने के लिए कई दमकल वाहनों के साथ हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म वाली विशेष गाड़ियों को भी लगाया गया।
पुरनिया बाजार के पास स्थित यह इमारत घनी आबादी वाले पॉश इलाके में है, जहां आसपास कोचिंग सेंटर, कैफे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित होते हैं। आग लगने के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बचाव अभियान में सामने आए दर्दनाक दृश्य
राहत एवं बचाव अभियान के दौरान कई लोगों को इमारत से बाहर निकाला गया। अधिकारियों के अनुसार कुछ लोगों को बॉडी बैग में बाहर लाया गया, जबकि कई बेहोशी की हालत में मिले। आग और धुएं के कारण मुख्य रास्तों से पहुंचना मुश्किल होने पर कई लोगों को बगल की इमारत की छत के रास्ते बाहर निकाला गया।
दमकल कर्मियों, पुलिस और अन्य बचाव दलों ने घंटों तक अभियान चलाकर इमारत के भीतर फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया। घटनास्थल पर मौजूद परिजनों की बेचैनी और चीख-पुकार ने माहौल को और अधिक भावुक बना दिया।
प्रधानमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान
हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
प्रधानमंत्री ने शोक संदेश में कहा कि इस त्रासदी में हुई जनहानि अत्यंत दुखद है और उनकी संवेदनाएं प्रभावित परिवारों के साथ हैं। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
CM योगी बोले- यह बेहद हृदय विदारक घटना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि लखनऊ में हुई अग्नि दुर्घटना अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अखिलेश और मायावती ने भी जताया दुख
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
वहीं बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि ऐसी त्रासदियां कई परिवारों की उम्मीदों को तोड़ देती हैं। उन्होंने कहा कि केवल आरोप-प्रत्यारोप से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी को मिलकर गंभीरता से काम करना होगा।
बड़े प्रशासनिक ऐक्शन की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, सरकार इस पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। भवन की सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन मानकों के पालन और संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों पर बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
